मो. हामिद एवं राज कुमार झा
प्रस्तुत अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य माध्यमिक स्तर के छात्रों की बुद्धि, अध्ययन व्यवहार तथा शैक्षिक उपलब्धि के मध्य सहसंबंध की प्रकृति और सीमा को स्पष्ट करना था। आज के प्रतिस्पर्धात्मक शैक्षिक वातावरण में यह जानना अत्यंत आवश्यक है कि छात्र की बौद्धिक क्षमताएँ तथा अध्ययन की शैली उसकी शैक्षिक सफलता को किस प्रकार प्रभावित करती हैं। इस शोध में समस्तीपुर जिले के विभिन्न विद्यालयों से कुल 300 छात्रों (150 बालक और 150 बालिकाएं) का यादृच्छिक चयन किया गया। शोध में छात्रों की बुद्धि का आकलन एक मानकीकृत बुद्धिलब्धि परीक्षण से, अध्ययन व्यवहार का मूल्यांकन एक स्वनिर्मित प्रश्नावली से तथा शैक्षिक उपलब्धि का निर्धारण उनके विद्यालयी परीक्षा में प्राप्त अंकों के माध्यम से किया गया। सांख्यिकीय विश्लेषण से यह ज्ञात हुआ कि छात्रों की बुद्धि और उनकी शैक्षिक उपलब्धि के मध्य मध्यम सकारात्मक सहसंबंध (त=0.65) विद्यमान है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बौद्धिक रूप से अधिक सक्षम छात्र अपेक्षाकृत अधिक शैक्षिक उपलब्धि प्राप्त करते हैं। इसके अतिरिक्त, अध्ययन व्यवहार और शैक्षिक उपलब्धि के मध्य उच्च सकारात्मक सहसंबंध (त=0.72) प्राप्त हुआ, जो यह स्पष्ट करता है कि जिन छात्रों का अध्ययन व्यवहार नियमित, संगठित और उद्देश्यपरक होता है, वे अधिक प्रभावशाली शैक्षिक प्रदर्शन करते हैं। शोध में यह भी पाया गया कि लिंग के आधार पर सहसंबंधों में कोई विशेष अंतर नहीं था, जो इस तथ्य की पुष्टि करता है कि बुद्धि और अध्ययन व्यवहार, दोनों ही घटक बालक और बालिकाओं के शैक्षिक प्रदर्शन को समान रूप से प्रभावित करते हैं। इस शोध के निष्कर्षों के आधार पर यह अनुशंसा की जा सकती है कि विद्यालयों में अध्ययन कौशल विकास के लिए विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएँ और शिक्षकों को छात्रों की बौद्धिक विशेषताओं के अनुरूप शिक्षण विधियाँ अपनाने के लिए प्रशिक्षित किया जाए। यह अध्ययन शिक्षा नीति निर्माताओं, अध्यापकों और अभिभावकों के लिए यह समझने में सहायक है कि शैक्षिक सफलता बहुआयामी तत्वों पर निर्भर करती है जिनमें बुद्धि और अध्ययन व्यवहार प्रमुख घटक हैं।
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